नई दिल्ली। पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण वाले E20 फ्यूल के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब नई गाड़ियों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर के यूज्ड कार बाजार में भी दिखाई देने लगा है। खरीदारों के बीच पुरानी पेट्रोल कारों की E20 अनुकूलता को लेकर सवाल बढ़े हैं, जिससे प्री-2023 मॉडल की रीसेल वैल्यू पर दबाव की चर्चा तेज हुई है।
प्री-2023 पेट्रोल कारों की कीमतों पर दबाव
यूज्ड कार बाजार से जुड़े जानकारों के मुताबिक, E20 कंपैटिबल नई गाड़ियों की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है, जबकि पुरानी पेट्रोल कारों को लेकर खरीदार अधिक सतर्कता बरत रहे हैं। कुछ बाजार आकलनों में 2021-22 या उससे पुराने पेट्रोल मॉडलों की कीमतों में 8 से 12 फीसदी तक नरमी का दावा किया गया है।
एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कम होने के कारण माइलेज में कुछ कमी महसूस हो सकती है। हालांकि, ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि E20 से इंजन को तत्काल नुकसान होने की बात सही नहीं है। नियमित सर्विसिंग और फ्यूल सिस्टम की समय-समय पर जांच जरूरी है।
फ्यूल सिस्टम की जांच पर जोर
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक इस्तेमाल में एथेनॉल से नमी संबंधी समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में पुराने वाहनों के फ्यूल पाइप, सील, फिल्टर, पंप और अन्य संबंधित हिस्सों की नियमित जांच जरूरी है। वाहन को लंबे समय तक टैंक में फ्यूल भरा छोड़कर खड़ा रखने से भी बचने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि E20 का यूज्ड कार बिक्री पर फिलहाल कोई निर्णायक असर नहीं पड़ा है। आने वाले समय में खरीदारों की प्राथमिकताओं में बदलाव जरूर देखने को मिल सकता है।
CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ सकता है रुझान
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद जैसे एनसीआर बाजारों में पुरानी कार खरीदने वाले ग्राहक अब वाहन का मैन्युफैक्चरिंग ईयर और E20 कंपैटिबिलिटी भी जांच रहे हैं। कुछ खरीदार पेट्रोल के विकल्प के तौर पर CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पुरानी पेट्रोल कारों को लंबे समय तक रखने के बजाय कुछ ग्राहक अब तीन से पांच साल में वाहन बदलने की रणनीति अपना रहे हैं, ताकि भविष्य के बड़े मेंटेनेंस खर्च से बचा जा सके।
E20 को लेकर भ्रम से बचने की जरूरत
ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि E20 को लेकर बाजार में कई तरह की आशंकाएं हैं, लेकिन हर पुरानी पेट्रोल कार को इससे नुकसान होगा, ऐसा मानना सही नहीं है। वाहन की उम्र, तकनीक, फ्यूल सिस्टम और उसकी नियमित देखभाल का भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी E20 से इंजन पूरी तरह खराब होने संबंधी दावों को भ्रामक बता चुके हैं।
पुरानी पेट्रोल कार खरीदने वालों के लिए सलाह है कि सौदा करने से पहले वाहन का सर्विस रिकॉर्ड, फ्यूल पंप, पाइपलाइन, फिल्टर और अन्य फ्यूल सिस्टम कंपोनेंट की अच्छी तरह जांच करा लें।
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