नमामि गंगे मिशन की बड़ी उपलब्धि, 355 परियोजनाएं पूर्ण; सुरहा ताल बना भारत की 100वीं रामसर साइट

नई दिल्ली

नई दिल्ली | 

गंगा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के उद्देश्य से संचालित केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘नमामि गंगे मिशन’ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की 19वीं एम्पावर्ड टास्क फोर्स (ETF) की बैठक में मिशन की प्रगति, वर्तमान परियोजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत अब तक 43,030 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत 524 परियोजनाओं में से 355 परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गंगा और उसकी सहायक नदियों में प्रदूषण को कम करना तथा नदी तंत्र के संरक्षण को मजबूत बनाना है।

बैठक में बताया गया कि आगरा और वाराणसी में स्थापित आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) गंगा और यमुना नदियों में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से शोधित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।

समीक्षा बैठक के दौरान गंगा की अविरल धारा बनाए रखने, आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) के संरक्षण, तथा गंगा डॉल्फिन सहित जैव-विविधता के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि नदी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक और सतत प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

बैठक की एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में उत्तर प्रदेश के सुरहा ताल को भारत की 100वीं रामसर साइट घोषित किए जाने का उल्लेख किया गया। इसे देश के लिए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। इस मान्यता से आर्द्रभूमि संरक्षण, जैव-विविधता संवर्धन तथा पारिस्थितिक संतुलन को और मजबूती मिलेगी।

बैठक में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नमामि गंगे मिशन अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित राष्ट्रीय अभियान का रूप ले चुका है। सरकार ने दोहराया कि गंगा की निर्मलता, अविरलता और समृद्ध जैव-विविधता का संरक्षण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का लक्ष्य केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जनसहभागिता के माध्यम से गंगा को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं समृद्ध बनाना भी है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *