रेखा आर्या के बयान से जांच को मिले नए सुराग, पति गिरधारी लाल साहू के ठिकानों की होगी पड़ताल

उत्तराखण्ड राज्य समाचार
वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच से खुलेगा एआई के दावे का राज, एसआईटी ने दर्ज किए कैबिनेट मंत्री के बयान

देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद की जांच तेज हो गई है। मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार देर शाम मंत्री रेखा आर्या के बयान दर्ज किए। सूत्रों के मुताबिक, मंत्री ने अपने बयान में ऐसे कई ठिकानों की जानकारी दी है, जहां से प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिल सकते हैं। कुछ गोपनीय ठिकानों के बारे में भी जांच टीम को जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। अब इन सूचनाओं का सत्यापन और संभावित साक्ष्यों की बरामदगी जांच की दिशा तय करने में अहम हो सकती है।

एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में गठित 10 सदस्यीय एसआईटी इससे पहले मंत्री की तबीयत खराब होने के कारण उनके बयान दर्ज नहीं कर पाई थी। अब बयान दर्ज होने के बाद जांच टीम संबंधित दस्तावेजों, आरोपों और अन्य साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस की ओर से जुटाए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

वायरल ऑडियो की होगी फॉरेंसिक जांच

इस प्रकरण में वायरल ऑडियो भी जांच का अहम हिस्सा बन गया है। एसआईटी ने ऑडियो को अपने कब्जे में ले लिया है और इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। रेखा आर्या की ओर से इस रिकॉर्डिंग को मामले से जुड़े आरोपों के संदर्भ में सामने रखा गया है, जबकि गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर इसे फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार बताया था।

रेखा आर्या की ओर से साझा किए गए ऑडियो में गिरधारी लाल साहू और एक अन्य महिला के बीच बातचीत होने का दावा किया गया है। आरोप है कि बातचीत में मंत्री को नुकसान पहुंचाने की साजिश से जुड़ी बातें शामिल हैं। हालांकि, ऑडियो की वास्तविकता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

फॉरेंसिक विशेषज्ञ रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि ऑडियो में किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है या आवाज को कृत्रिम तरीके से तैयार किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही गिरधारी लाल साहू के एआई से ऑडियो बनाए जाने के दावे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

कंपनियों के दस्तावेजों की भी होगी जांच

मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा मंत्री ने आरोप लगाया है कि फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए उन्हें कंपनियों में निदेशक पद से हटाया गया।

अब एसआईटी कंपनियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच, हस्ताक्षरों के मिलान और मंत्री की ओर से बताए गए ठिकानों पर संभावित साक्ष्यों के सत्यापन पर ध्यान दे सकती है। इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।

आरोप-प्रत्यारोप के बीच बढ़ा विवाद

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने शिकायत को आधारहीन बताते हुए मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। अपने वीडियो में उन्होंने मंत्री से शिकायत वापस लेने की बात भी कही थी।

इस घटनाक्रम के बाद मामले में आपसी समझौते की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा हुई, लेकिन एसआईटी के समक्ष रेखा आर्या के बयान दर्ज होने और जांच में नए तथ्यों की पड़ताल से प्रकरण आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, इसे लेकर किसी संभावित समझौते या दोनों पक्षों की मंशा पर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।

फिलहाल एसआईटी की जांच में मंत्री के बयान, वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट, कंपनियों के दस्तावेज और अन्य संभावित साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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