बारिश थमते ही प्रदेशभर में शुरू होगा सड़क सुधार अभियान, शहरी से ग्रामीण मार्गों तक बनेगी व्यापक कार्ययोजना
देहरादून। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई प्रदेश की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए धामी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में सड़कों की मौजूदा स्थिति और मानसून के बाद होने वाले सुधार कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश खत्म होते ही सड़क मरम्मत का काम अभियान के रूप में शुरू किया जाए।
शहरी और ग्रामीण मार्ग होंगे अभियान में शामिल
बैठक में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न विभागों और संस्थाओं के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों की सड़कों के साथ ही ग्रामीण संपर्क मार्गों को भी सड़क सुधार अभियान में शामिल करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने विभागों को अलग-अलग कार्य करने के बजाय समन्वित और व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पुरानी ग्रामीण सड़कों के लिए भी खुलेगा रास्ता
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी उन सड़कों पर भी चर्चा हुई, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है। इन मार्गों के नियमित रखरखाव में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर विचार किया गया। इससे लंबे समय से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण मार्गों के सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
मानसून खत्म होने से पहले पूरी हो प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुधार कार्यों के लिए निविदा और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी कर ली जाएं। उनका उद्देश्य है कि बारिश थमते ही बिना किसी प्रशासनिक देरी के मौके पर काम शुरू कराया जा सके। सरकार सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दे रही है।
अक्टूबर से सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में बताया कि अक्टूबर से वह प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करेंगे। ऐसे में सड़क सुधार कार्यों की जमीनी निगरानी भी बढ़ने के संकेत हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से ठोस कार्ययोजना तैयार कर तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
सड़कें विकास की जीवनरेखा
पर्वतीय उत्तराखंड में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की भी जीवनरेखा हैं। सरकार का लक्ष्य है कि मानसून समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत शुरू हो और प्रदेशवासियों को खस्ताहाल सड़कों से जल्द राहत मिले।
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