मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर औचक जांच, तीन पर दवा बिक्री पर रोक

उत्तराखण्ड स्वास्थ्य

फार्मासिस्ट की गैरमौजूदगी से लेकर एक्सपायर दवाओं और खराब फ्रिज तक मिलीं कई अनियमितताएं

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री और रखरखाव को लेकर स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किए गए संयुक्त औचक निरीक्षण में कहीं फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला, तो कहीं एक्सपायर दवाएं सामान्य दवाओं के साथ रखी हुई पाई गईं। कुछ दुकानों में वैक्सीन के निर्धारित तापमान में रखरखाव और लाइसेंस से संबंधित भी अनियमितताएं मिलीं।

जांच में सामने आई कमियों के बाद तीन मेडिकल स्टोरों में दवाओं की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई। कार्रवाई उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान की टीम ने मेडिकल स्टोरों में लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, दवाओं के रखरखाव, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, रिकॉर्ड, नारकोटिक्स दवाओं की बिक्री, फ्रिज के तापमान और सीसीटीवी सहित विभिन्न मानकों की जांच की।

हैमर्स मेडिकोज में मिली कई कमियां

हैमर्स मेडिकोज में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। एक्सपायर दवाएं सामान्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। दुकान में दवाओं के अलावा दैनिक उपयोग का सामान भी बिक्री के लिए रखा गया था। सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं मिली और रैक की सफाई भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

टीम ने तत्काल दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाते हुए संचालक से स्पष्टीकरण मांगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई।

अग्रवाल मेडिकोज में वैक्सीन के तापमान में लापरवाही

अग्रवाल मेडिकोज में फार्मासिस्ट अवकाश पर थी, लेकिन उसकी अनुपस्थिति में दवाओं की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। एक्सपायर दवाएं भी सामान्य दवाओं के साथ रखी हुई थीं।

कुछ दवाएं कटी हुई अवस्था में मिलीं और सफाई व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं। टीम ने स्टोर बंद कराकर दवा बिक्री पर रोक लगा दी।

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर भी कार्रवाई की जद में

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिली। एक्सपायर दवाओं का रखरखाव व्यवस्थित नहीं था और दवाओं को सुरक्षित रखने वाला फ्रिज खराब मिला। टीम ने स्टोर को तत्काल बंद कर दवा खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी। साथ ही संचालक को नया फ्रिज लगाने के निर्देश दिए गए।

ए. जेम्स एंड कंपनी का लाइसेंस मिला समाप्त

ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में संचालक वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त पाई गई और नवीनीकरण से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।

यहां भी एक्सपायर दवाएं सामान्य दवाओं के साथ रखी मिलीं, जबकि खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड भी व्यवस्थित नहीं थे। टीम ने व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप होने तक दवा बिक्री रोकने के निर्देश दिए।

पायनियर मेडिकल स्टोर को सुधार के निर्देश

पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और संचालक मौजूद मिले, लेकिन एक्सपायर दवाओं के रखरखाव में खामी मिली। फ्रिज चालू था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। संचालक ने एक्सपायर दवाओं को संबंधित कंपनी को वापस करने की जानकारी दी। नारकोटिक्स दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड भी टीम को प्रस्तुत किया गया।

निरीक्षण टीम ने संचालक को सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप करने के निर्देश दिए।

मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा है मामला

मसूरी में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी दवाओं के लिए मेडिकल स्टोरों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, एक्सपायर दवाओं का गलत तरीके से रखरखाव और वैक्सीन के तापमान में लापरवाही को गंभीर माना जा रहा है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षित बिक्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *