भारी बारिश का कहर: हरिद्वार में काली मंदिर पर गिरा मलबा, श्रीनगर में अलकनंदा का जलस्तर खतरे से नीचे लेकिन अलर्ट जारी

उत्तराखण्ड

हरिद्वार में पहाड़ी से गिरे बोल्डरों से मंदिर क्षतिग्रस्त, रेल यातायात रहा सामान्य; श्रीनगर में प्रशासन ने नदी किनारे जाने से बचने की अपील दोहराई

हरिद्वार/श्रीनगर। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। हरिद्वार में रेलवे टनल के समीप स्थित प्राचीन काली मंदिर पर देर रात पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने से मंदिर को नुकसान पहुंचा, जबकि श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आने के बावजूद प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश जारी रखे हैं।

हरिद्वार में काली मंदिर पर गिरे बोल्डर

हरिद्वार में बीती रात करीब ढाई बजे रेलवे टनल के पास स्थित प्राचीन काली मंदिर पर अचानक पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिर पड़े। हादसे में मंदिर का गुंबद, दीवारें और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मंदिर परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

सूचना मिलते ही रेलवे और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेलवे ट्रैक पर गिरे मलबे और पत्थरों को रात में ही हटाकर रेल संचालन को सामान्य कर दिया गया। अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण कर सुरक्षा की पुष्टि की।

पहले भी हो चुका है भूस्खलन

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह क्षेत्र पहले भी भूस्खलन की घटनाओं का सामना कर चुका है। पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर भारी मलबा गिरने से रेल संचालन प्रभावित हुआ था। इसके बाद पहाड़ी के ट्रीटमेंट और सुरक्षा के लिए लोहे के जाल लगाए गए थे, लेकिन लगातार बारिश के दौरान खतरा अब भी बना हुआ है।

हरिद्वार स्टेशन मास्टर बी.के. मालिक ने बताया कि ट्रैक पर गिरा मलबा तत्काल हटा दिया गया था और किसी भी ट्रेन के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

श्रीनगर में अलकनंदा का जलस्तर घटा, लेकिन सतर्कता बरकरार

वहीं पौड़ी जनपद के श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर शुक्रवार को घटकर 534.20 मीटर दर्ज किया गया, जो अलार्म लेवल (535 मीटर) और डेंजर लेवल (536 मीटर) से नीचे है। हालांकि लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

बीते दिन नदी का जलस्तर खतरे के स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की सलाह दी थी। एसडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

प्रशासन की अपील

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी किनारे न जाने की लगातार चेतावनी दी जा रही है और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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