भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, दुनिया का पांचवां देश बना भारत

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जींद-सोनीपत रूट पर शुरू हुई 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन, हरियाणा को ₹14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

जींद (हरियाणा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरियाणा के जींद रेलवे जंक्शन से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोनीपत के लिए रवाना किया। इसके साथ ही भारत हाइड्रोजन ट्रेन संचालन करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है। इससे पहले जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन में यह तकनीक अपनाई जा चुकी है।

जींद से सोनीपत के बीच संचालित होने वाली 10 कोच की यह ट्रेन लगभग 89 किलोमीटर की दूरी करीब दो घंटे में तय करेगी। मार्ग में 14 स्टेशन पड़ेंगे तथा इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यात्रियों के लिए किराया 5 से 25 रुपये के बीच निर्धारित किया गया है।

’21वीं सदी की पहचान बनेगी हाइड्रोजन ट्रेन’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 19वीं सदी की पहचान स्टीम इंजन और 20वीं सदी की पहचान डीजल एवं इलेक्ट्रिक रेल रही, जबकि 21वीं सदी में हाइड्रोजन तकनीक भविष्य की पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि जींद- सोनीपत के बीच शुरू हुई यह सेवा आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों तक भी विस्तारित की जाएगी।

‘दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन 3,200 हॉर्स पावर क्षमता वाली दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। उन्होंने बताया कि जहां अन्य देशों में तीन या चार कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित हो रही हैं, वहीं भारत ने पहली ही बार में 10 कोच वाली ट्रेन तैयार कर नई मिसाल कायम की है। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ और भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे का व्यापक आधुनिकीकरण हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 तक देश के केवल लगभग 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का ही विद्युतीकरण हुआ था, जबकि अब करीब 99 प्रतिशत रेल मार्ग बिजली से संचालित हो रहे हैं। इससे रेलवे की डीजल पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है।

हरियाणा को ₹14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ के साथ प्रधानमंत्री ने हरियाणा को लगभग ₹14,700 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। इनमें सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास शामिल है।

इन प्रमुख परियोजनाओं में कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, भिवानी स्थित पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज, नारनौल में महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल, दिल्ली-अमृतसर-कटरा हाईवे के हरियाणा खंड, अंबाला-काला अंब और जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई परियोजनाएं शामिल हैं।

रेल मंत्री बोले- ऐतिहासिक दिन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे भारतीय रेलवे के इतिहास का ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि हाइड्रोजन तकनीक पूरी तरह भारत में विकसित की गई है। उन्होंने बताया कि जींद में पानी से हाइड्रोजन तैयार करने का संयंत्र स्थापित किया गया है, जिससे उत्पन्न ऊर्जा के जरिए ट्रेन संचालित होगी। इस तकनीक से धुआं या प्रदूषण नहीं होगा और उत्सर्जन के रूप में केवल पानी की बूंदें निकलेंगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल ट्रेन जींद से सोनीपत तक चलेगी और भविष्य में इसे दिल्ली तक विस्तारित करने की दिशा में परीक्षण जारी है।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और ग्रीन एनर्जी के विजन का परिणाम है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा से शुरू हुई। उन्होंने कहा कि आज भारत केवल नई तकनीक अपनाने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को नई तकनीक देने वाला राष्ट्र बन रहा है।

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन भारतीय रेलवे के हरित ऊर्जा अभियान और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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