60 वर्ष पूर्ण होते ही पात्र नागरिकों को स्वतः मिले वृद्धावस्था पेंशन का लाभः मुख्यमंत्री

उत्तराखण्ड राज्य समाचार
  • अक्टूबर तक तैयार होंगे डोईवाला, पाइनस (नैनीताल) और सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के बाबू जगजीवन राम छात्रावासः मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री ने डीबीटी (वन क्लिक) से 9.80 लाख लाभार्थियों को ₹145.42 करोड़ की पेंशन राशि की जारी
  • योजनाएं अगले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनें, केवल आज नहीं भविष्य की भी करें तैयारी- मुख्यमंत्री धामी
  • 60 वर्ष पूर्ण होते ही पात्र नागरिकों को स्वतः मिले वृद्धावस्था पेंशन का लाभः मुख्यमंत्री
  • योजनाओं का किया जाए इंटेग्रेशन, उत्तराखण्ड मॉडल बने देश के लिए बेस्ट प्रैक्टिसः मुख्यमंत्री
  • योजनाओं के निर्माण में वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित किया जाएः मुख्यमंत्री
  • समाज के अंतिम छोर तक सम्मान और सुरक्षा पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं को नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाएं ऐसी हों जो समय के साथ निरंतर प्रभावी बनी रहें तथा अन्य राज्यों के लिए भी श्बेस्ट प्रैक्टिसश् का उदाहरण बनें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, डोईवाला (देहरादून), बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, पाइनस (नैनीताल) तथा बाबू जगजीवन राम बालिका छात्रावास, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर माह तक पूर्ण किए जाएं, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को शीघ्र बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का इंटीग्रेशन किया जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्यों में वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही पात्र नागरिक स्वतः वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में आ जाएं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक प्रक्रिया से न गुजरना पड़े और समय पर पेंशन का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास सभागार में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं की माह जून-2026 की देय पेंशन राशि का डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से हस्तांतरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 9,80,950 लाभार्थियों को लगभग ₹145 करोड़ 42 लाख की पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। इसमें केंद्र सरकार का अंश लगभग ₹7 करोड़ 2 लाख तथा राज्य सरकार का अंश लगभग ₹138 करोड़ 40 लाख रहा।

माह जून-2026 में वितरित इस राशि में वृद्धावस्था पेंशन के 6,11,245 लाभार्थियों को ₹91.69 करोड़, विधवा पेंशन के 2,35,850 लाभार्थियों को ₹35.38 करोड़, दिव्यांग पेंशन के 88,787 लाभार्थियों को ₹13.32 करोड़, किसान पेंशन के 27,207 लाभार्थियों को ₹3.26 करोड़, परित्यक्ता पेंशन के 8,258 लाभार्थियों को ₹99.10 लाख, भरण-पोषण अनुदान के 7,297 लाभार्थियों को ₹51.08 लाख, तीलू रौतेली पेंशन के 2,179 लाभार्थियों को ₹26.15 लाख तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को ₹1.52 लाख की सहायता प्रदान की गई।

बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की भी समीक्षा की गई। यह योजना अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रति छात्र ₹3.25 लाख तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है तथा आवश्यकता होने पर राज्य सरकार अतिरिक्त टॉप-अप राशि देकर आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, हमारी सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है जो आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी पूरा करे। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है। उत्तराखण्ड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसे देश के अन्य राज्य भी अपनाने के लिए प्रेरित हों।

बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण सचिव सहित समाज कल्याण विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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