200 परीक्षा केंद्र डिजिटल सिस्टम से जुड़े, अभ्यर्थियों को स्कैन करते ही मिलेगी परीक्षा केंद्र की सटीक लोकेशन
देहरादून। उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब आयोग द्वारा जारी किए जाने वाले एडमिट कार्ड पर क्यूआर (QR) कोड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे स्कैन करते ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र की सटीक लोकेशन मिल जाएगी। इससे परीक्षा केंद्र खोजने की परेशानी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
QR कोड से मिलेगी सीधी लोकेशन
आयोग की नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए QR कोड को मोबाइल से स्कैन करेंगे। स्कैन करते ही परीक्षा केंद्र का डिजिटल लोकेशन मैप खुल जाएगा, जिससे शहर हो या दूरस्थ क्षेत्र, परीक्षार्थी बिना किसी भ्रम के समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे।
डिजिटल होगा परीक्षा केंद्र प्रबंधन
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग परीक्षा संचालन को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है। इसके तहत नया परीक्षा केंद्र प्रबंधन सिस्टम (Examination Centre Management System) विकसित किया गया है, जिससे परीक्षा केंद्रों के चयन, संचालन और निगरानी की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी।
प्रदेश के 200 परीक्षा केंद्र हुए पंजीकृत
आयोग ने प्रदेशभर के 200 परीक्षा केंद्रों को नए डिजिटल प्रबंधन सिस्टम से जोड़ दिया है। इससे उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) दोनों को परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों का चयन और प्रबंधन आसान हो जाएगा।
राज्य के सभी 13 जिलों में पंजीकृत परीक्षा केंद्र इस प्रणाली से जुड़े हैं, जिससे परीक्षार्थियों की संख्या, परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक जानकारी आयोग को रियल टाइम में प्राप्त होती रहेगी।
ऑनलाइन निगरानी और दस्तावेज प्रबंधन भी होगा आसान
नई व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज, आवश्यक दस्तावेजों का डिजिटल प्रबंधन तथा परीक्षा प्रक्रिया की बेहतर निगरानी भी संभव होगी। इससे परीक्षा संचालन अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
आयोग ने बताया बड़ा कदम
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार ने कहा कि नई डिजिटल व्यवस्था से आयोग और परीक्षा केंद्रों के बीच समन्वय बेहतर होगा। परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया सरल होगी और परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आयोग भविष्य में भी तकनीक आधारित सुधारों के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार कार्य करता रहेगा।
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