जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर जमीन हड़पने का आरोप, फर्जी वसीयत और श्मशान रसीद से कराया नामांतरण

उत्तराखण्ड क्राइम

प्रेमनगर थाने में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, 0.4050 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है मामला

देहरादून। राजधानी देहरादून में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को उसकी वास्तविक मृत्यु से कई साल पहले ही मृत दर्शाकर कथित तौर पर फर्जी वसीयत और श्मशान घाट की रसीद तैयार कराने का आरोप लगा है। इन दस्तावेजों के आधार पर जमीन के राजस्व अभिलेखों में नामांतरण कराए जाने की शिकायत की गई है।

मामले में न्यायालय के आदेश के बाद प्रेमनगर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में एक प्रतिष्ठित कॉलेज के मालिक के बेटे संजय कुमार चौधरी, उनकी मां ओमवती और चंद्रावती के नाम शामिल हैं।

2002 में मृत्यु दिखाकर तैयार की गई कथित फर्जी वसीयत

पुलिस के अनुसार, सिमलासग्रांट डोईवाला निवासी श्यामलाल ने न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता ताराचंद को जीवित रहते ही मृत दिखाकर जमीन से संबंधित दस्तावेज तैयार किए गए।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, वर्ष 1995 में ताराचंद के नाम से कथित तौर पर फर्जी वसीयत तैयार की गई। इसके बाद उनकी मृत्यु 14 जून 2002 को दर्शाते हुए श्मशान घाट की कथित फर्जी रसीद भी तैयार कराई गई।

वास्तविक मृत्यु 2016 में होने का दावा

शिकायत में कहा गया है कि ताराचंद की वास्तविक मृत्यु 20 नवंबर 2016 को हुई थी। ग्राम पंचायत सिमलासग्रांट से उनका विधिवत मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वास्तविक मृत्यु से करीब 14 वर्ष पहले ही उन्हें मृत दिखाकर दस्तावेज तैयार किए गए।

इन कथित दस्तावेजों के आधार पर ईस्ट हॉप टाउन क्षेत्र में स्थित ताराचंद की करीब 0.4050 हेक्टेयर भूमि के राजस्व अभिलेखों में आरोपियों के पक्ष में प्रविष्टियां दर्ज कराए जाने का आरोप है।

फर्जी दस्तावेजों से नामांतरण का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कथित फर्जी वसीयत, मृत्यु संबंधी दस्तावेज और अन्य कागजात का इस्तेमाल कर भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कराया गया। इससे ताराचंद के कानूनी वारिसों को आर्थिक नुकसान होने और आरोपियों को अवैध लाभ पहुंचने का आरोप लगाया गया है।

सात धाराओं में मुकदमा दर्ज

प्रेमनगर थाना प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि श्यामलाल की शिकायत के आधार पर संजय कुमार चौधरी, ओमवती और चंद्रावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 216/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471, 504, 506 और 120बी में मामला दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, जमीन के दस्तावेजों, कथित वसीयत, मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड और श्मशान घाट की रसीद समेत अन्य अभिलेखों की जांच पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *