देहरादून। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर कार्यरत कार्मिकों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्मिकों को यह लाभ उनकी नियुक्ति की अवधि के आधार पर तीन चरणों में दिया जाएगा।
शासन के निर्णय के अनुसार पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त उपनल कार्मिकों के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तथा तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कार्मिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन और अनुमन्य महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा।
अतिरिक्त कार्मिकों के समायोजन की भी तैयारी
सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत के अनुसार, विभिन्न विभागों में स्वीकृत या सृजित पदों के सापेक्ष अतिरिक्त उपनल कार्मिकों को नियुक्ति की तिथि के वरीयता क्रम में उपलब्ध पदों पर समायोजित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों में समकक्ष रिक्त पदों के सापेक्ष भी समायोजन की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अधिसंख्य पदों के सृजन पर भी विचार किया जाएगा।
इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए शासन स्तर पर अलग व्यवस्था अथवा समिति गठित की जाएगी। इसका उद्देश्य अतिरिक्त उपनल कार्मिकों के समायोजन की प्रक्रिया को निर्धारित व्यवस्था के तहत आगे बढ़ाना है।
पूर्व उपनल कार्मिकों को भी मिलेगा लाभ
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्यक्ष अनुबंध पर कार्यरत रहे पूर्व उपनल कार्मिकों को भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार न्यूनतम वेतन और अनुमन्य महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा।
वहीं, निगमों, परिषदों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत उपनल कार्मिकों के मामले में संबंधित संस्थाएं अपने स्तर से निर्णय लेंगी। इन संस्थाओं में न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का भुगतान उनके अपने संसाधनों से किया जाएगा।
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